Jharkhand Elephant Death:-20 दिनों में 7 हाथियों की रहस्यमयी मौत केंद्र सरकार गंभीर

Jharkhand Elephant Death:-20 दिनों में 7 हाथियों की रहस्यमयी मौत केंद्र सरकार गंभीर

Jharkhand Elephant Death:-20 दिनों में 7 हाथियों की रहस्यमयी मौत केंद्र सरकार गंभीर

झारखण्ड राज्य के पूर्वी सिंहभूम में 20 दिनों में 7 हाथियों की रहस्यमयी मौत ने झारखंड सहित पुरे देश को चौंका दिया है। केंद्र सरकार ने इसकी गंभीरता को देखते हुवे एक जांच टीम का घटन कर झारखण्ड भेजने का मन बना लिया है। इस लेख में मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों की जाँच करेंगे।

हाथियों की मौत का संकेत:

20 दिन में 7 हाथियों की मौत ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। इन हाथियों की मौत के पीछे की कहानी और इससे जुड़ी चुनौतियों को जानने के लिए, पढ़ते रहें।मोदी सरकार ने गंभीरता से इस मामले का सामना किया है और एक उच्चस्तरीय इन्क्वॉयरी की शुरुआत की है। इसमें झारखंड को एक विशेषज्ञ टीम भेजी गई है जो घटना की जांच करेगी और उससे सीधे जुड़े सवालों का उत्तर निकालेगी।

यह भी पढ़े:-JAC ने जारी किया है 12वीं एग्जाम फॉर्म भरने का आधिकारिक अधिसूचना,रामगढ़ में स्कूली छात्राओं से छेड़खानी

टीम की गठन और जांच का प्रारंभ:

झारखंड में तैनात टीम ने घटनास्थलों का दौरा किया है और ग्रामीणों से जानकारी हासिल की है। उन्होंने मृत हाथियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी अध्ययन करने का निर्णय लिया है।एक और घटना चाकुलिया में हुई, जहां पांच हाथियों ने करंट लगाने से एक साथ दम तोड़ दिया। इसमें इन हाथियों की मौत का संकेत है और जांच टीम इसे समझने के लिए पूरी कोशिश कर रही है।

जांच दल में वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के संयुक्त निदेशक एचवी गिरीशा और अन्य अधिकारीगण शामिल हैं, जो घटनाओं की जांच में मदद करेंगे।टीम मृत हाथियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी विश्लेषण करेगी जो समझने में मदद करेगा कि मौत की वजह क्या है और कैसे इसे रोका जा सकता है।घटनास्थल पर टीम ने ग्रामीणों से जानकारी हासिल की है और उनकी साक्षरता को मदद करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।इस घटना को देखते हुए, वन्यजीव संरक्षण में और बढ़ोतरी होनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं होती रुक सकें।

मौत की वजहों का पता लगाना:

टीम सिर्फ मौत की वजहों का पता लगा रही है, बल्कि यह भी देख रही है कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है और कैसे इसे आगे रोका जा सकता है चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टीम जिम्मेदारियों की खोज में लगी है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि ऐसी घटनाएं फिर से न हों।

चाकुलिया में पदस्थापित वन विभाग के रेंजर दिग्विजय सिंह, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार, कार्यपालक अभियंता राजकिशोर और सहायक अभियंता अमरजीत प्रसाद शामिल हैं। इस टीम ने घटनास्थलों का दौरा किया और ग्रामीणों से जानकारी हासिल की। आखिर में, हम सभी जनता को भी जिम्मेदारियों की तरह इस मुद्दे में सहयोग करने के लिए आग्रहित करते हैं।

निष्कर्ष

झारखंड में हाथियों की मौत एक गंभीर समस्या है और मोदी सरकार इसे गंभीरता से लेकर जांच और समाधान कर रही है। सभी को इस मुद्दे में सहयोग करने का आह्वान किया जाता है।लगातार हाथियों की मौत से केंद्र सरकार हैरान है बतादे 20 नवंबर को मुसाबनी वन क्षेत्र ऊपरबांधा जंगल के पास करंट लगने से पांच हाथियों ने एक साथ दम तोड़ दिया था। इसके पहले नवंबर के पहले हफ्ते में पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला अनुमंडल अंतर्गत श्यामसुंदरपुर थाना क्षेत्र के मचाड़ी गांव और चाकुलिया वन क्षेत्र स्थित बडामारा पंचायत के ज्वालभांगा में दो अलग-अलग घटनाओं में करंट से दो हाथियों की मौत हुई थी।